india flag image भारत सरकार

केंद्रीय जल आयोग

(1945 से राष्ट्र की सेवा में)

पुणे पश्चिमी महाराष्ट्र में सहयाद्री पहाड़ियों पर 570 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है | 'डेक्कन की रानी' के रूप में लोकप्रिय यह शहर 138,76 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी आबादी करीब 30 लाख है | इसके सुखद जलवायु और राज्य की राजधानी मुंबई से निकटता ने पुणे को महाराष्ट्र में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शहर बना दिया है | पूर्व में अपनी सुखद जलवायु और शांत जीवन के लिए एक 'पेंशनरों के शहर' माना जाने वाला पुणे अब मेट्रो शहर के रूप में उभर रहा है |

कई वर्षों तक पुणे मराठा भूमि की नब्ज रहा है और भारतवर्ष को इसने अपने सबसे यादगार हस्तियों में से कुछ को प्रदान किया है | मुगल सम्राट औरंगजेब को ललकारने वाले मराठा राजा शिवाजी की परवरिश पुणे मे ही हुर्इ थी | 1818 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा राज्य हड़पने से पहले तक यह शहर पेशवाओं के तहत शक्तिशाली मराठा साम्राज्य के मुख्यालय के रूप में रहा जिसके बाद यह मानसून के दौरान बंबई प्रेसीडेंसी के क्षेत्रीय राजधानी के रूप में बना रहा | पुणे कई महान व्यक्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं जो यहॉं पैदा हुए या यहां काम किया है | इनमें से महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, आधुनिक भारत के निर्मातओं में से एक गोपाल कृष्ण गोखले, अपने संपूर्ण जीवन में महिलाओं के उत्थान के लिए लड़ाई लड़ने व उनके लिए एक कॉलेज शुरू करने एवं महिलाओं के लिए पहले भारतीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले महर्षि धोंडो केशव कर्वे, दलित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले, अमेरिका में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाली प्रथम महिला श्रीमती आनंदीबाई जोशी र्इत्यादि प्रसिद्ध है | पुणे का कला और संस्कृति मे (विशेष रूप से शास्त्रीय संगीत में) भी अपनी एक पहचान है |

पुणे शहर स्पष्टत: प्राचीन भाग, जहां इलाकों के नाम सप्ताह के दिनों पर रखा गया है, एवं अधिक आधुनिक भाग और आलीशान छावनी में बॅंटा हुआ है |

सिंहगड

सिंहगढ़ राष्ट्रीय जल अकादमी से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर 1450 र्इसा पूर्व निर्मित एक पर्वतीय किला है | राष्ट्रीय जल अकादमी जिस राज्य राजमार्ग पर स्थित है उसका नामकरण ‘सिंहगढ़ रोड’ इस किले के नाम के आधार पर ही किया गया है | 18वीं सदी में बाजीराव-1 द्वारा बनाया गया पेशवा महल का खंडहर शनिवार वाडा में स्थित है | एक लंबे समय के लिए यह महल महाराष्ट्र में राजनीतिक सत्ता का आधार रहा है और आज भी पुणे की संस्कृति की निरंतर प्रतीक बना हुआ है | मुख्य इमारत के खंडहर एवं इसके भव्य बाहरी दीवार के अलावा महल के अवशेष आज नही है | नगाड़ाखाना का बरामदा जो आंतरिक बाड़े का एक उल्लेखनीय दृश्य देता है, विशेष रूप से अविस्मरणीय है |

सारसबाग

यह एक छोटी पहाड़ी, जो कभी एक झील से परिवृत्त थी, पर बनाया गया एक प्रसिद्ध गणेश मंदिर है | कई साल पहले पार्क के लिए रास्ता बनाने के क्रम में झील को बहा दिया गया | अब यह शाम बिताने के लिए सुंदर हरे लॉन और फव्वारे के साथ एक अच्छी जगह है | पार्वती टिला पुणे के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है | यद्यपि यह टिला शहर के दक्षिणी अर्ध में है, पुणे के लगभग हर क्षेत्र से इसे देखा जा सकता है | वहाँ 108 सीढ़ी है जो पार्वती और देवादेश्वर को को समर्पित एक मंदिर की ओर ले जाती है | वहाँ विष्णु, गणेश एवं कार्तिकेय को समर्पित मंदिर भी हैं | टिला की चोटी पर चढ़ना लाभप्रद हो सकता है क्योकि वहॉं से पुणे के एक उत्कृष्ट मनोरम दृश्य का आनंद ले सकते है |

राजा केलकर संग्रहालय

यह संग्रहालय मुगल और मराठा काल के दुर्लभ ऐतिहासिक प्रदर्शनी का अकेला संग्रह है | संग्रह में कुछ खूबसूरत चित्रों, संगीत वाद्ययंत्र, दीपक, सरौता, पदखुरचनी, एवं और कई अन्य रोचक वस्तुएं शामिल है | हालांकि मस्तानी महल, जो अपने मूल स्थिति से यहॉं लाकर पुनर्स्थापित किया गया है, संग्रहालय का मुख्य आकर्षण है |

शिंदे छतरी

महान मराठा अभिजात पुरुष महादाजी शिंदे को समर्पित यह स्मारक रेस कोर्स से 2 किमी दूर वानावाडी नामक स्थान में स्थित है | यह भवन एक महान वास्तु उपलब्धि है जो भव्य सुंदरता के साथ-साथ मितव्ययिता का मिश्रण है |

विश्रामबाग वाडा

इस तीन मंजिला हवेली इसके प्रवेश द्वार के लिए प्रसिद्ध है जो एक बरामदा से घिरा हुआ है | बरामदे के छज्जे पर नक्काशीदार लकड़ी का काम पेशवा कला का एक अच्छा उदाहरण है |

पाषाण झील

पाषाण झील पुणे से 2 किमी की दूरी पर है और विशेष रूप से सर्दियों के महीनों के दौरान यात्रा करने लायक है जब प्रवासी पक्षियॉं बड़ी तादाद में यहॉं इकट्ठा होते हैं | पक्षी विशेषज्ञों के लिए इस झील का दर्शन अति आवश्यक है |

बंड उद्यान

सुरम्य बंड उद्यान पुणे रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किमी पर मूला-मूठा नदियों के तट पर स्थित हैं | यहॉं नदी के बैकवाटर में नाव की सवारी के लिए सुविधाएं प्रदान की जाती हैं |

आगा खान पैलेस या कस्तूरबा समाधि

यह भवन पुणे में एक प्रसिद्ध स्थान है | यह वह जगह है जहां महात्मा गांधी कस्तूरबा गांधी और महादेवभाई देसाई 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कैद थे | यहॉं कस्तूरबा और महादेवभाई देसाई ने अपनी अंतिम सॉंसे ली थी जिनकी स्मृति में बाद में संगमरमर स्मारक बनवाया गया |

भंडारकर ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान

यह संस्थान लॉ कॉलेज पहाड़ी की तलहटी में स्थित है और अपने चित्ताकर्षक प्राच्य वास्तुकला के लिए तत्काल पहचानने योग्य है | यहाँ एक संग्रहालय है जिसमे बोल्हार, कियेलहार्न एवं भंडारकर के लगभग 20,000 पांडुलिपियों के संग्रह है।

चतुश्रृंगी मंदिर

यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है | इष्टदेवता देवी अंब्रेश्वरी है | यहॉं अश्विन माह (सितम्बर - अक्टूबर) में नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान वार्षिक मेला आयोजित किया जाता है |

भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान

पुणे के प्रभात रोड पर स्थित यह संस्थान अभिनय, निर्देशन, संपादन, संगीत, पटकथा और फोटोग्राफी सहित फिल्म उद्योग के सभी विषयों में पाठ्यक्रम आयोजित करती है |

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी

पुणे से 17 किमी दूर खड़कवासला के आसपास के सुरम्य परिवेश में स्थित, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी सेना, नौसेना और वायु सेना के युवा अधिकारी कैडेटों के लिए प्रशिक्षण संस्था है |

पातालेश्वर गुफाएं

नरक के देवता पातालेश्वर को समर्पित यह गुफा मंदिर शहर के शिवाजी नगर इलाके में जंगली महाराज रोड पर स्थित है | माना जाता है कि शिव, नंदी एवं विशाल खंभों को समर्पित यह मंदिर एक एकल चट्टान से खेदकर बनायी गयी है |

पुणे विश्वविद्यालय

इतालवी गोथिक शैली में निर्मित भव्य विश्वविद्यालय भवन पुणें के गणेशखिंड में स्थित है | घास के मैदान का खूबसूरती से रखरखाव किया जाता है तथा छात्रों के लिए एक बड़ा तरणताल अतिरिक्त आकर्षण है | पूर्व में यह भवन मुंबर्इ के राज्यपाल का सरकारी निवास हुआ करता था जब मानसून काल के दौरान मुंबई प्रेसीडेंसी का क्षेत्रीय मुख्यालय अस्थायी रूप से मुंबई से पुणे के लिए स्थानांतरित किया जाता था |

भारत इतिहास संशोधक मंडल

इस ऐतिहासिक अनुसंधान संस्थान को विजय कुमार राजवाडे द्वारा 1910 में स्थापित किया गया था | प्रदर्शनी में पेंटिंग, नक्शे और चार्ट, सचित्र पांडुलिपियों, मुगलों, निजामशाही एवं मराठों के हथियार के अलावा फारसी तथा अंग्रेजी में कुछ दस्तावेज भी शामिल हैं |

पेशवा उद्यान

पुणे चिड़ियाघर कुछ घंटे के सुखद भ्रमण के लिए आदर्श स्थान है | इसका रखरखाव पुणे नगर निगम द्वारा किया जाता है एवं यहॉं नौका विहार और हाथी की सवारी के लिए सुविधा उपलब्ध है |

लक्ष्मी रोड

यह रोड पश्चिम में लकड़ी के पुल से पुणे छावनी के क्वार्टर गेट क्षेत्र तक फैला है | कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक सामान, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, बरतन, खिलौने, उपहार वस्तुएं, मिठाई तथा सुगंधी इस रोड मे मिलते हैं एवं संभवत इस शहर के सबसे व्यस्ततम सड़क है | फेरीवाले फुटपाथ पर अपने माल को प्रदर्शित कर संकीर्ण सड़क को अव्यवस्थित कर देतें हैं | नगर परिवहन बसें, चार पहिया वाहन, दो पहिया वाहन, साइकिल, और पैदल चलने वाले सड़क पर स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करते है | कभी-कभी पुणेवासीयों को भीड़ के बारे में शिकायत रहती है | पुणे में खरिदारी के लिए सबसे अच्छी जगह है | अगर आप के मन में बड़ी खरीदारी की चाहत नही है, फिर भी एक शाम बिताने के लिए लक्ष्मी रोड के रास्ते पर टहलना मनोरंजक हो सकता है |