सुशील कुमार ने वर्ष 1986 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी स्नातक किया है | वे वर्ष 1990 में भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के अधीन केन्द्रीय जल आयोग के केन्द्रीय जल अभियान्त्रिकी (ग्रुप 'ए') सेवा (CWES-Group ‘A’) में बतौर सहायक निदेशक शामिल हो गए | इन्होने केन्द्रीय जल आयोग, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, जल संसाधन मंत्रालय, सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति और राष्ट्रीय जल अकादमी र्इत्यादि के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है | केन्द्रीय जल आयोग में शामिल होने से पहले उन्होने एक बंदरगाह परियोजना के डिजाइन और निर्माण के बहु-राष्ट्रीय परामर्शक अभियंताओं के साथ काम किया है |
सुशील कुमार का सिविल अभियान्त्रिकी के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक पेशेवर अनुभव है | केन्द्रीय जल आयोग में उनके अनुभवों में महत्वपूर्ण विश्लेषण और डिजाइन कार्य, जल विज्ञान संबंधी टिप्पणियों, बाढ़ पूर्वानुमान एवं इससे संबंधित मुद्दे, केन्द्रीय योजना स्कीमों के कार्यान्वयन, मानव संसाधन प्रबंधन र्इत्यादि शामिल हैं |
नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण में उन्हे पुनर्वास और पुनर्स्थापन के कार्यान्वयन के लिए योजना की तैयारी, पुनर्वास नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन एवं सरदार सरोवर बहुउद्देशीय परियोजना के लिए पुनर्वास और पुनर्स्थापन कार्य की प्रगति की निगरानी के साथ शामिल किया गया था | अलावा इसके, नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण सचिवालय, जहां सीधी भर्ती के साथ प्रतिनियुक्ति के आधार पर भी नियुक्ति होती है, के दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक जरूरतों की देखभाल करते हुए प्रशासन स्कंध इनकी जिम्मेदारियों का एक हिस्सा था |
राष्ट्रीय जल अकादमी में अपने पहले कार्यकाल के दौरान सुशील कुमार ने जल संसाधन विकास और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम जिसमें महत्वपूर्ण मुद्दों, रचना स्वरूप, बांध सुरक्षा के मुद्दों सहित प्रबंधकीय और संचार कौशल, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण की तैयारी एवं आयोजन किया था | वे बाढ़ प्रबंधन, रचना स्वरूप, जल विज्ञानीय प्रेक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, सामरिक मुद्दों से प्रभावी संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास जैसे विभिन्न विषयों के लिए संकाय भी रह चुके हैं | अलावा इसके, वे राष्ट्रीय जल अकादमी में विश्व बैंक सहायता प्राप्त जल विज्ञान परियोजना-द्वितीय (HP-II) का कार्यान्वयन नियन्त्रित किया है | इन्होने राष्ट्रीय जल अकादमी के निदेशक (प्रशासन एवं समन्वय) का दायित्व भी बखुबी निभायी है |
जल संसाधन मंत्रालय की ब्रह्मपुत्र और बराक स्कंध में वरिष्ठ संयुक्त आयुक्त के रूप में सुशील कुमार ने परियोजना समन्वय सचिवालय एवं परियोजना समन्वय सचिवालय के लिए तकनीकी सहायता और प्रबंधन परामर्श के कार्यों की देखरेख के साथ-साथ विश्व बैंक सहायता प्राप्त जल विज्ञान परियोजना-द्वितीय के देश भर में विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच क्रियान्वयन की देखरेख भी की है |
'अपने कार्यालय के प्रमुख' के रूप में वडोदरा में सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति सचिवालय चलाने के अलावा सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति में सुशील कुमार ने यूनिट I (बांध और आनुषंगिक कार्य) और यूनिट-III (पन बिजली का कार्य) की प्रगति की निगरानी, गरूड़ेश्वर बॉंध के निर्माण की निगरानी के साथ-साथ इन निर्माण कार्यों से संबंधित किसी भी मुद्दे पर पार्टी राज्यों के मध्य समन्वय स्थापित करने में भी शामिल रहे हैं | पार्टी राज्यों के बीच सरदार सरोवर परियोजना की लागत के हिस्सेदारी का वितरण अपने समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी उनको उत्तराधिकार के रूप में मिला था | सुशील कुमार ने सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति में अपने कार्यकाल के दौरान लगभग सात महीने के लिए सचिव, सरदार सरोवर निर्माण सलाहकार समिति एवं विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी भी ली । उनके इस कार्यकाल के दौरान लंबे समय से ठप पड़े बांध निर्माण को फिर से शुरू किया गया था |
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